पत्नी के खर्चों के बोझ तले इतना दबा हुआ हूं मैं शाम हुए ना घर जाऊं दिल ये मेरा कहता है सारी कमाई दे देता हूं फिर भी नहीं चैन से रहता हूं
हिंदी शायरी | शायरी संग्रह इशारों इशारों में मोहब्बत का फरमान आया है मेरे जिंदगी में खुशियों का मुकाम आया है हर ख्वाहिशें पूरी होने लगी है तड़पते दिल को आराम आया है मुकद्दर बदलने लगी है चाहतों की तरह हर कदम साथ चलने लगी है जिंदगी से मुश्किलें दूर हो गई है हर लम्हा खुशियों में जीने लगा हूं अब तनहाइयां नहीं रहती हैं Shayari Love shayari